HOLI GHAZAL- JAZB-E-ULFAT AAZMANA CHAHIYE HOLI KE DIN

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HOLI GHAZAL – JAZBE ULFAT AAZMANAN
जज़्ब-ए-उल्फ़त आज़माना, चाहिए होली के दिन !
आ ही जाएंगे बुलाना, चाहिए होली के दिन !!
मुस्करा दो मुस्कराना, चाहिए होली के दिन !
बिजलियाँ दिल पे गिराना, चाहिए होली के दिन !!
दोस्त और दुश्मन गले मिल कर जहाँ हो जाएँ एक !
ऐसी एक महफ़िल सजाना, चाहिए होली के दिन !!
क्या गुज़रती है किसी के दिल पे इसकी क्या ख़बर !
उनकी नज़रों को निशाना, चाहिए होली के दिन !!
~ नश्तर

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